मंगलवार, 30 सितंबर 2025

देवी-देवताओं का आह्वान और विसर्जन।

आह्वान और विसर्जन देवता का होता है। पत्री (पिपल का पत्ता) या प्रतिमा में देवी/ देवता का आह्वान होता है और विसर्जन भी होता है। विसर्जन की क्रिया सम्पन्न कर पत्री या प्रतिमा को का स्थानांतरण (स्थान बदलना या खिसकाने) की क्रिया की जाती है। तत्पश्चात जल या भूमि में विसर्जित किया जाता है (खमाया जाता है।)
आह्वान और विसर्जन की क्रियाओं का उल्लेख चौखम्बा प्रकाशन वाराणसी से प्रकाशित ब्रह्म नित्य कर्म जैसे प्रामाणिक ग्रन्थ में मिलता है। लेकिन जन सामान्य के लिए कठिन है। गीता प्रेस गोरखपुर से प्रकाशित नित्यकर्म पूजा प्रकाश में आह्वान मन्त्र दिये गए हैं।
मातृभाषा में भी अपनी भावनाओं को व्यक्त किया जा सकता है।

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