सोमवार, 22 सितंबर 2025

पञ्चाङ्गों की जानकारी।

सही पञ्चाङ्ग ये हैं ---
वेधशाला प्रमाणित वैधतुल्य दृष्ट ग्रहगणितम् वाली सही पञ्चाङ्ग, स्वीस इफेमेरीज आधारित पञ्चाङ्ग, व्यंकटेश्वर बापूजी केतकर रचित ज्योतिर्गणितम्, ग्रह गणितम, वैजयन्ती ग्रन्थों पर आधारित पञ्चाङ्ग,
है.---

भारत शासन के पोजिशनल एस्ट्रोनॉमी सेंटर, कोलकाता द्वारा वार्षिक रूप से प्रकाशित भारतीय खगोलीय पंचांग (इफ़ेमेरिस) जिसका उद्देश्य खगोलविदों और अन्य उपयोगकर्ताओं को खगोलीय डेटा प्रदान करना है।

*दिल्ली से प्रकाशित भारत शासन की राष्ट्रीय पञ्चाङ्ग*,
श्री जीवाजी वैधशाला से प्रकाशित *Astronomical Ephemeris*
कलकत्ता से प्रकाशित *Lahiri's Indian Ephemeris*, (2022 के बाद बन्द हो गई।)
व्यंकटेश बापुजी शास्त्री केतकर के  ज्योतिर्गणितम्, ग्रह गणितम, वैजयन्ती ग्रन्थों पर आधारित पञ्चाङ्ग ---
सुखेड़ा रतलाम से  उज्जैन के अक्षांश देशान्तर के लिये प्रकाशित सिद्धविजय डेड़वर्षिय पञ्चाङ्ग,
नीमच से प्रकाशित और नीमच के अक्षांश देशान्तर के लिए श्री *भादवामाता पञ्चाङ्ग* ,
वाराणसी से प्रकाशित
 वाराणसी से प्रकाशित वाराणसी के अक्षांश और देशान्तर के लिए चिन्ताहरण पञ्चाङ्ग,
चिन्तामणि पञ्चाङ्ग (प्रकाशन बन्द हो गया),

और 
*दिल्ली से प्रकाशित और दिल्ली के अक्षांश और देशान्तर के लिए विश्वविजय पञ्चाङ्ग*
वाराणसेय संस्कृत विश्वविद्यालय से प्रकाशित महामहोपाध्याय बापूदेव शास्त्री का वाराणसी के अक्षांश देशान्तर के लिए दृक्सिद्ध पंचांग
और दिल्ली से प्रकाशित और दिल्ली के अक्षांश और देशान्तर के लिए *राष्ट्रीय राजधानी पञ्चाङ्ग* लेकिन इसमें निरयन सूर्य संक्रमण का समय सही नहीं रहता है।
संपूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय, वाराणसी भी ऑनलाइन पञ्चाङ्ग प्रकाशित करता है।
मुम्बई से प्रकाशित *कालनिर्णय* कैलेण्डर पञ्चाङ्ग के तिथि नक्षत्र योग, करण का समय सही रहता है।

ऑनलाइन *दृक पञ्चाङ्ग* लेकिन इसमें भी निरयन सूर्य संक्रमण का समय सही नहीं रहता। और साल भर में अपडेट होते रहने के कारण बदलाव होते रहते हैं।


काशी हिन्दू विश्वविद्यालय से सुर्यसिद्धान्त के आधार पर बीज संस्कार देकर तैयार होनेवाली विश्व पञ्चाङ्ग भी है। लेकिन यह पूर्णतः मान्य नहीं है।

निम्नलिखित पञ्चाङ्गों की गणना सही नहीं होती है। इसलिए इन्हें उपयोगी नही मानता हूँ।⤵️
ग्रहलाघव और मकरन्द करण ग्रन्थ पर आधारित गलत पञ्चाङ्ग ----उज्जैन की महाकाल पञ्चाङ्ग,
नारायण विजय पञ्चाङ्ग,
नीमच की निर्णय सागर चण्डु पञ्चाङ्ग,
जबलपुर के लाला रामनारायण केलेण्डर पञ्चाङ्ग, लाला रामस्वरूप रामनारायण जीडी एण्ड सन्स कैलेण्डर,


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