बुधवार, 28 अक्टूबर 2026

युरोप का राजनीतिक इतिहास।

मार्क्सवाद, लेनिनवाद, स्टालिन वाद और माओवादी कम्युनिज्म को समझने के पहले युरोपीय राजनीति 
 राजनीति मानसिकता समझना अत्यावश्यक है।

इसलिए पहले यह पढ़ लोगे तो यदि मार्क्सवाद , पूँजी और कम्युनिस्ट मेनिफेस्टो पढ़ा होगा तो मार्क्सवाद में और कम्युनिज्म में और वामपंथी विचारधारा में अन्तर समझकर हस्तमालकाचार्य बन जाओगे।

फ्रांस की राज्य क्रान्ति ---
लुइ चौदहवें के उत्तराधिकारी लुई सोलहवें का पतन।
लुई चौदहवाँ निरंकुश राज्यतन्त्र का नायक था तो लुई सोलहवाँ साम्यवादी शासक था।

फ्रांसीसी राज्य क्रान्ति के मुख्य नायकों में रूसो के अलावा, वाल्टेयर, मोंटेस्क्यू जैसे दार्शनिक, तथा मीराब्यू, लाफायेट, रोबेस्पिएर, डैंटन, और नेपोलियन जैसे क्रांतिकारी नेता शामिल थे। 

ज्ञानोदय के दार्शनिक
वाल्टेयर--
एक फ्रांसीसी लेखक जो धर्म, और पारंपरिक संस्थानों की आलोचना के लिए और स्वतंत्र भाषण व नागरिक स्वतंत्रता के समर्थन के लिए जाने जाते थे। 

मोंटेस्क्यू--
इन्होंने व्यक्तिगत अधिकारों और स्वतंत्रता के सिद्धांतों पर जोर दिया। 

रूसो--
इनका मानना था कि समाज मनुष्य को भ्रष्ट करता है और वे व्यक्तिगत अधिकारों, स्वतंत्रता और समानता पर ज़ोर देते थे। 
क्रांतिकारी नेता और अभिनेता
मीराब्यू और लाफायेट:
ये क्रांति के शुरुआती और शांत चरण के प्रमुख नेता थे। 
रोबेस्पिएर और डैंटन:
ये आतंक के दौर में क्रांति के प्रमुख नेता थे। 


सेना नायक से राष्ट्रनायक बना नेपोलियन बोनापार्ट---

नेपोलियन
एक सैन्य जनरल जिसने क्रांति को समाप्त किया और बाद में फ्रांस का शासक बना। 

ब्रिसोट--
गिरोंडिन्स के नेता, जो बाद में क्रांति के दुश्मन घोषित कर दिए गए। 

ज्याँ-पॉल मराट--
उन्होंने अपने अखबार "जनता का मित्र" के माध्यम से कथित साजिशों और प्रतिक्रांतिकारियों के खिलाफ हिंसा की आवश्यकता पर जोर दिया।



युरोपीय राष्ट्रवाद का उदय
इटली का एकीकरण ---
 इटली के एकीकरण में मेजिनी और गैरीबाल्डी के अलावा प्रमुख नायक थे राजा विक्टर इमैनुएल द्वितीय, काउंट कैमिलो बेन्सो डी कावूर, और इटली के तत्कालीन प्रधानमंत्री। ये सभी नेता इटली को बाहरी प्रभुत्व से मुक्त करने और एकीकृत राष्ट्र बनाने के प्रयास में प्रमुख भूमिका में थे। 

अन्य प्रमुख नायक--

राजा विक्टर इमैनुएल द्वितीय--
पीडमोंट-सार्डिनिया के राजा के रूप में उन्होंने इटली के एकीकरण के आंदोलन को सहारा दिया और अंततः पूरे इटली के राजा बने।

काउंट कैमिलो बेन्सो डी कावूर--
इटली के एकीकरण में यह एक अत्यंत महत्वपूर्ण राजनीतिज्ञ, अर्थशास्त्री और राजनेता थे। उन्होंने पीडमोंट-सार्डिनिया के प्रधानमंत्री के रूप में विदेश नीति में सक्रिय भूमिका निभाई और ऑस्ट्रिया के खिलाफ युद्ध छेड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। 

ये नेता मिलकर इटली के विभिन्न राज्यों को एकजुट करने, विदेशी प्रभुत्व से मुक्त करने और एक एकीकृत इटली का निर्माण करने के प्रयास में शामिल थे।


युरोपीय राष्ट्रवाद का विकास ---

जर्मनी के एकीकरण के मुख्य नायक ओटो वॉन बिस्मार्क थे, जिन्होंने प्रशिया के चांसलर के रूप में कूटनीति और युद्धों के माध्यम से जर्मनी के विभिन्न राज्यों को एक एकीकृत राष्ट्र में संगठित किया। उन्होंने "रक्त और लौह" की नीति अपनाई और ऑस्ट्रिया, डेनमार्क और फ्रांस के खिलाफ युद्ध जीते, जिसके परिणामस्वरूप 1871 में एकीकृत जर्मन साम्राज्य की स्थापना हुई और विलियम प्रथम सम्राट बने।
 
ओटो वॉन बिस्मार्क की भूमिका---

मास्टरमाइंड--
बिस्मार्क को जर्मनी के एकीकरण के पीछे का मास्टरमाइंड माना जाता है, जिन्होंने प्रशिया की शक्ति का उपयोग करके इसे पूरा किया। 
'लौह और रक्त' की नीति--
उन्होंने अपनी प्रसिद्ध "लौह और रक्त" की नीति के माध्यम से, सैन्य बल और कूटनीति का उपयोग करके जर्मनी के एकीकरण का मार्ग प्रशस्त किया। 

तीन युद्ध--
बिस्मार्क ने डेनमार्क के खिलाफ युद्ध (शलेसविग और होलस्टीन के लिए), ऑस्ट्रिया के खिलाफ युद्ध (सेडोवा की लड़ाई), और फ्रांस के खिलाफ युद्ध (सीडान की लड़ाई) लड़े, जिनमें प्रशिया की जीत हुई। 
अन्य महत्वपूर्ण व्यक्ति: 
विलियम प्रथम (राजा विल्हेम प्रथम): एकीकृत जर्मन साम्राज्य के पहले सम्राट बने।
इस प्रकार, ओटो वॉन बिस्मार्क ने सैन्य और कूटनीतिक कुशलता से जर्मनी के एकीकरण को अंतिम रूप दिया। 

जर्मनी के एकीकरण में ओटो वॉन बिस्मार्क और राजा के अलावा मुख्य नायक हेल्मुथ वॉन मोल्टके द एल्डर और अल्ब्रेक्ट वॉन रून थे, जिन्होंने बिस्मार्क के साथ मिलकर प्रशिया की सेना को मजबूत किया और कूटनीतिक और सैन्य रणनीति के माध्यम से जर्मनी के एकीकरण का मार्ग प्रशस्त किया। 
मुख्य नायक और उनकी भूमिकाएँ: 
हेल्मुथ वॉन मोल्टके द एल्डर (Helmuth von Moltke the Elder):
प्रशियाई सेना के नए चीफ ऑफ स्टाफ के रूप में, मोल्टके ने सेना के आधुनिकीकरण और पुनर्गठन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उनकी सैन्य रणनीतियों ने बिस्मार्क को डेनमार्क, ऑस्ट्रिया और फ्रांस के विरुद्ध युद्धों में निर्णायक जीत दिलाने में मदद की, जो एकीकरण के लिए आवश्यक थे।
अल्ब्रेक्ट वॉन रून (Albrecht von Roon):
रून को युद्ध मंत्री नियुक्त किया गया था, और उन्होंने प्रशियाई सेना को एक शक्तिशाली, कुशल बल में बदलने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उन्होंने बिस्मार्क के साथ एक स्थायी राजनीतिक गठबंधन बनाया, जिससे सेना को सुदृढ़ करने और एकीकरण के प्रयासों में सहयोग करने में मदद मिली।
इन तीनों ने मिलकर 'रियलपोलिटिक' की नीति अपनाई, जो कि विचारधारा से हटकर व्यावहारिक कूटनीति और सैन्य बल का उपयोग करके राजनीतिक लक्ष्यों को प्राप्त करने पर केंद्रित थी। इस सहयोग ने प्रशिया को जर्मन राज्यों के एकीकरण का नेतृत्व करने में सक्षम बनाया।

फ्रांस की राज्य क्रान्ति से अत्यधिक प्रभावित 
युरोपीय राष्ट्रवाद का मिश्रित स्वरूप संयुक्त राज्य अमेरिका ---

संयुक्त राज्य अमेरिका के गठन और तेरह राज्यों के एकीकरण में जॉर्ज वॉशिंगटन के अलावा  थॉमस जेफरसन, जॉन एडम्स, बेंजामिन फ्रैंकलिन, अलेक्जेंडर हैमिल्टन, जॉन जे और जेम्स मैडिसन जैसे कई प्रमुख नायक थे, जो संस्थापक पिता के रूप में जाने जाते हैं। इन व्यक्तियों ने स्वतंत्रता संग्राम, महाद्वीपीय कांग्रेस में भाग लेने और संविधान का मसौदा तैयार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई, जिससे एक नया राष्ट्र बना। 

प्रमुख संस्थापक पिता---

थॉमस जेफरसन --
स्वतंत्रता की घोषणा के मुख्य लेखक और राष्ट्र के तीसरे राष्ट्रपति थे। 

जॉन एडम्स --
संयुक्त राज्य अमेरिका के पहले उपराष्ट्रपति और दूसरे राष्ट्रपति थे, जिन्होंने कानूनी और राजनीतिक विचारों में योगदान दिया। 

बेंजामिन फ्रैंकलिन--
एक प्रतिभाशाली लेखक, वैज्ञानिक और राजनयिक थे, जिन्होंने देश के विकास में महत्वपूर्ण योगदान दिया। 

अलेक्जेंडर हैमिल्टन--
पहले वित्त मंत्री और एक प्रमुख संघीयवादी थे, जिन्होंने एक मजबूत राष्ट्रीय सरकार की वकालत की। 

जॉन जे --
पहले सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश और कई मौलिक दस्तवेजों के सह-लेखक थे। 

जेम्स मैडिसन --
"संविधान के पिता" के रूप में जाने जाते हैं और संविधान के मसौदे में उनकी भूमिका के लिए प्रसिद्ध हैं।

अन्य महत्वपूर्ण व्यक्ति ---

पैट्रिक हेनरी--
एक प्रेरक वक्ता थे जिन्होंने स्वतंत्रता की भावना पैदा करने में भूमिका निभाई।

सैमुअल एडम्स--
एक प्रमुख देशभक्त और बोस्टन की टी पार्टी के आयोजकों में से एक थे।

जॉन हैनकॉक--
स्वतंत्रता की घोषणा पर हस्ताक्षर करने वाले पहले व्यक्ति थे।


रूस की बोल्शेविक क्रांति में लेनिन और स्टालिन के अलावा प्रमुख नायकों में लियोन ट्रॉट्स्की, लेव कामेनेव और अनातोली लूनचारस्की जैसे नेता थे, जिन्होंने पार्टी और क्रांति के दौरान महत्वपूर्ण भूमिकाएँ निभाईं। ट्रॉट्स्की ने लाल सेना की स्थापना की, कामेनेव ने एक प्रमुख राजनीतिक रणनीतिकार के रूप में काम किया, और लूनचारस्की ने शिक्षा और कला के क्षेत्र में योगदान दिया। 

प्रमुख नायक---

लियोन ट्रॉट्स्की--
वह एक प्रमुख बोल्शेविक नेता थे, जिन्होंने अक्टूबर क्रांति का नेतृत्व किया और लाल सेना की स्थापना की, जो एक महत्वपूर्ण सैन्य शक्ति थी जिसने गृहयुद्ध में बोल्शेविकों को जीत दिलाई।


लेव कामेनेव--
कामेनेव एक अनुभवी बोल्शेविक नेता थे जिन्होंने पार्टी के भीतर एक प्रमुख राजनीतिक रणनीतिकार के रूप में कार्य किया। उन्होंने क्रांति की सफलता में अहम भूमिका निभाई।


अनातोली लूनचारस्की--

लूनचारस्की एक मार्क्सवादी विचारक और वक्ता थे, जिन्हें क्रांति के बाद शिक्षा और संस्कृति के लिए जन комиссаर (निक्षेपक) नियुक्त किया गया था। उन्होंने शिक्षा प्रणाली के निर्माण में योगदान दिया। 

इन नेताओं ने लेनिन और स्टालिन के साथ मिलकर कार्ल मार्क्स के विचारों को लागू करने और बोल्शेविक सत्ता स्थापित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।


चीन की क्रांति में माओत्से तुंग और चाऊ एन लाई के अलावा अन्य महत्वपूर्ण नायक थे लियू शाओकी, जो पीपुल्स रिपब्लिक ऑफ चाइना के अध्यक्ष थे और बाद में माओ के विरोधी बने, और देंग शियाओपिंग, जिन्होंने सांस्कृतिक क्रांति के बाद माओ के व्यक्तित्व पंथ को खत्म करने में अहम भूमिका निभाई। 

अन्य मुख्य नायक---
 
लियू शाओकी--

सांस्कृतिक क्रांति के दौरान वे पीपुल्स रिपब्लिक ऑफ चाइना के अध्यक्ष थे। माओ ने उन्हें सत्ता से हटा दिया था और उन पर हमला किया था।

देंग शियाओपिंग--
सांस्कृतिक क्रांति के बाद, देंग शियाओपिंग और अन्य लोगों ने मिलकर "बोलुआन फैनझेंग" नामक अभियान चलाया, जिसने सांस्कृतिक क्रांति के हानिकारक प्रभावों को खत्म किया और व्यक्तित्व पंथ के उपयोग को बंद कर दिया।

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