बुधवार, 15 अप्रैल 2026

भुमध्य रेखा (इक्वेटर) अर्थात 00° अक्षांश, और प्राचीन काल में अवन्तिका पुरी से गुजरने वाली मध्याह्न रेखा (प्राइम मेरिडियन) थी जैसे वर्तमान में ग्रीनविच रेखा मध्याह्न रेखा (प्राइम मेरिडियन) है।

भुमध्य रेखा (इक्वेटर) अर्थात 00° अक्षांश, और प्राचीन काल में अवन्तिका पुरी से गुजरने वाली मध्याह्न रेखा (प्राइम मेरिडियन) थी जैसे वर्तमान में ग्रीनविच रेखा मध्याह्न रेखा (प्राइम मेरिडियन) है।


1 भूमध्य रेखा (Equator) पृथ्वी के बीचों-बीच 0° अक्षांश पर स्थित एक काल्पनिक रेखा है, जो पृथ्वी को उत्तरी और दक्षिणी गोलार्ध में विभाजित करती है। 
और


2 कर्क रेखा (Tropic of Cancer) उत्तरी गोलार्द्ध में भूमध्य रेखा (Equator) के समांतर 
 उत्तर में पश्चिम से पूर्व की ओर खींची गई एक काल्पनिक रेखा है।
ये दोनों समानांतर है।
इसलिए कभी क्रास नहीं हो सकती है।


3 ग्रीनविच रेखा (Prime Meridian) 
 देशांतर (longitude) पर स्थित एक काल्पनिक रेखा है, जो इंग्लैंड के लंदन में ग्रीनविच स्थित रॉयल ऑब्जर्वेटरी से होकर गुजरती है। यह दुनिया का मुख्य समय क्षेत्र (GMT) और अंतरराष्ट्रीय मानक समय निर्धारित करती है, जो पृथ्वी को पूर्वी और पश्चिमी गोलार्द्ध में बांटती है। 
प्राइम मेरिडियन (Prime Meridian) को हिंदी में प्रधान मध्याह्न रेखा या प्रधान याम्योत्तर कहा जाता है। यह 
 देशांतर (longitude) पर स्थित एक काल्पनिक रेखा है

4 ठीक ऐसे ही (ग्रीनविच नामक स्थान के समान ही) प्राचीन काल में उज्जैन से गुजरने वाली (Prime Meridian) 
 देशांतर (longitude) से दुनिया का मुख्य समय क्षेत्र अवन्तिका माध्य समय (AMT) और अंतरराष्ट्रीय मानक समय निर्धारित करती थी, जो पृथ्वी को पूर्वी और पश्चिमी गोलार्द्ध में बांटती थी। 

प्राचीन काल में उज्जैन से निकलने वाली देशान्तर रेखा 75:46 के मध्याह्न (मध्यम मध्याह्न) समय को ही विश्व का मानक समय मानकर अन्य देशों के मध्य से गुजरने वाली मध्याह्न रेखा के माध्यमिक मध्याह्न समय के अन्तर के आधार पर+ या - समयान्तर माना जाता था।
जैसे आजकल भारत की मध्याह्न रेखा ग्रीनविच (प्राइम मेरिडियन) रेखा से 82° 30' देशान्तर रेखा लिखते हैं। और ग्रीनविच माध्यमिक मध्याह्न से देशान्तर रेखा 
82° 30' का समयान्तर 05 घण्टे 30 मिनट लिखते हैं।
वैसे पहले उज्जैन से गुजरने वाली देशान्तर रेखा से करते थे। उस समय उज्जैन से गुजरने वाली देशान्तर रेखा को 00° देशान्तर रेखा कहते थे। जैसे आजकल पूर्व देशान्तर 75°46' कहते हैं।

5 अक्षांश रेखाएं परस्पर समानान्तर हैं। लेकिन देशान्तर रेखाएँ उत्तर ध्रुव और दक्षिणी ध्रुव पर मिल जाती है इसलिए दो देशान्तर रेखाओं में भूमध्य रेखा पर सर्वाधिक दूरी 40,075 ÷ 360 = 111.319 किलोमीटर लगभग होती है। जबकि दोनों ध्रुवों पर शुन्य होती है।


6 दो अक्षांशों के बीच परस्पर दूरी --- पृथ्वी के अंडाकार (elliptical) आकार के कारण, भूमध्य रेखा पर अक्षांशों के बीच परस्पर दूरी थोड़ी कम (लगभग 110.57
 किमी) और ध्रुवों पर थोड़ी अधिक (लगभग-लगभग 111.7 किमी) होती है।

7 इक्वेटर (भू मध्य रेखा) और लाइन ऑफ केन्सर (कर्क रेखा) को उज्जैन से गुजरने वाली प्राचीन प्रधान याम्योत्तर मध्याह्न रेखा काटती है।
लेकिन भूमध्य रेखा (इक्वेटर) और कर्क रेखा (ट्रॉपिक ऑफ केन्सर) परस्पर समानान्तर होने से एक दुसरे को कभी नहीं काटती ।

उज्जैन से गुजरने वाली देशान्तर रेखापूर्व देशान्तर 75°46' कर्क रेखा को काटती है और भूमध्य रेखा को भी काटती है। 
गुजरने वाली देशान्तर रेखापूर्व देशान्तर 75°46' कर्क रेखा को काटती है और भूमध्य रेखा को जहाँ काटती उसी स्थान को लंकोदय कहते हैं। यहाँ आजकल कोई द्वीप नहीं है। पहले रहा होगा।

लेकिन भूमि पर वृत्त बनाने वाली भूमध्य रेखा और कर्क रेखा आपस में कभी नहीं मिलती। बल्कि भूमध्य रेखा और कर्क रेखा के बीच की सभी स्थानों पर दूरी लगभग 2,635 किलोमीटर ही रहती है।

8 नेताजी मेरिडियन और इक्वेटर का अलग-अलग अर्थ नही समझ पाये। और दोनों का अर्थ भूमध्य रेखा समझ बैठे। और 
 *कह गए कि, उज्जैन में भूमध्य रेखा और कर्क रेखा एक दूसरे को काटती है।*

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