*महामहोपाध्याय पं. श्रीकृष्णदत्त जी शास्त्री रचित और गीता प्रेस, गोरखपुर से प्रकाशित स्मार्त कर्मकलाप या गृहस्थ कर्मकलाप में प्रत्येक विधि के साथ मनुस्मृति, याज्ञवल्क्य, पारस्कर गृह्यसूत्र आदि के प्रमाण सहित संस्कृत मंत्रों के साथ सरल हिन्दी में अर्थ सहित हिन्दी में लिखा गया गृहस्थों के लिए सम्पूर्ण कर्मकांड का लगभग 900-1000 पृष्ठ का वृहद ग्रंथ विश्वकोश है।*
*काशी के विद्वान अग्निहोत्री पं. प्रभुदत्त जी शास्त्री ने भी गीता प्रेस की विश्वसनीयता के साथ स्मार्त कर्मकलाप या गृहस्थ कर्मकलाप की प्रशंसा की थी।*
*पहले कर्मकांड की सारी पुस्तकें संस्कृत में पद्धति रूप में थीं। पुरोहितों के अलावा कोई समझ नहीं पाता था।*
*महामहोपाध्याय पं. श्रीकृष्णदत्त जी शास्त्री ने कर्मकलाप में पहली बार हर विधि को हिन्दी में समझाकर लिखा लगभग 900 पृष्ठों का प्रामाणिक ग्रन्थ है।*
*लेखक पं. श्रीकृष्णदत्त जी ने स्वयं लिखा है कि;*
*"संस्कृत न जानने वाले हिन्दी पढ़े-लिखे गृहस्थ भी सारे कर्मकांड समझ सकें, इसलिए मैंने यह ग्रंथ लिखा। इसके बिना कर्मकांड अधूरा ही रह जाता है।"*
*पुरोहित न मिले तो भी सामान्य गृहस्थ स्वयम् पढ़कर कर्म कर सकते हैं।*
*स्मार्त कर्मकलाप या गृहस्थ कर्मकलाप ग्रंथ की संक्षिप्त विषय सूची ---*
*कर्मकलाप में जन्म से मृत्यु तक के सारे संस्कार और नित्य-नैमित्तिक कर्म हैं।*
*प्रथम खण्ड -- नित्य कर्म।*
*1 प्रातः स्मरण, शौच, स्नान विधि।*
*2 संध्योपासन -- त्रिकाल संध्या, गायत्री जप, तर्पण।*
*3 पंचदेव पूजा, तुलसी-शालिग्राम पूजा।*
*4 बलिवैश्वदेव, भोजन विधि, शयन विधि।*
*द्वितीय खण्ड -- षोडश संस्कार।*
*1 गर्भाधान से अन्त्येष्टि तक षोडष संस्कार --*
*नामकरण, अन्नप्राशन, मुंडन, यज्ञोपवीत, विवाह आदि सभी संस्कार।*
*2 हिन्दी में प्रत्येक संस्कार की सामग्री सूची, मंत्र, विधि, प्रयोजन।*
*तृतीय खण्ड -- व्रत-पर्व-त्योहार*
*1 एकादशी, पूर्णिमा, अमावस्या, संक्रांति व्रत।*
*2 गणेश चतुर्थी, नवरात्र, दीपावली, होली, शिवरात्रि - पूजा विधि, कथा, उद्यापन।*
*चतुर्थ खण्ड -- श्राद्ध-तर्पण।*
*1 एकोदिष्ट, पार्वण, महालय श्राद्ध विधि।*
*2 पिंडदान, ब्राह्मण भोजन, गया श्राद्ध का महत्त्व।*
*पञ्चम खण्ड--- ज्योतिष प्रकरण।*
*1 गणित ज्योतिष--* *तिथि, वार, नक्षत्र, योग, करण आदि पंचांग देखना,*
*2 फलित ज्योतिष --*
*मुहूर्त, कुंडली के मूल सिद्धांत, ग्रह शांति।*
*3 यात्रा, गृह प्रवेश, विवाह मुहूर्त कैसे निकालें।*
*षष्ठ खण्ड --*
*वैदिक कर्मकांड।*
*1 अग्निहोत्र, दर्श-पौर्णमास आदि श्रौत कर्मों का संक्षिप्त परिचय।*
*2 रुद्राभिषेक, नवग्रह शांति, सत्यनारायण व्रत कथा।*
*गीता प्रेस गोरखपुर की किसी भी दुकान पर - कोड 567 महामहोपाध्याय पं. श्रीकृष्णदत्त जी शास्त्री रचित और गीता प्रेस, गोरखपुर से प्रकाशित स्मार्त कर्मकलाप या गृहस्थ कर्मकलाप मिल सकती है।*
*ऑनलाइन मंगाना चाहें तो --* *http://gitapress.org से मंगवा सकते हैं।*
*पहले तो मुल्य लगभग ₹250/- या ₹300/- था।*
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