१ विश्वात्मा -
२ प्रज्ञात्मा - परम पुरुष और परा प्रकृति।
३ प्रत्गात्मा (अन्तरात्मा) - पुरुष और प्रकृति ।
४ जीवात्मा - अपर पुरुष जीव और त्रिगुणात्मक अपरा प्रकृति आयु (जीव और आयु)।
५ भूतात्मा - प्राण और धृति (धारयित्व/ रयि) (देही और अवस्था) ।
६ सुत्रात्मा - ओज और आभा/ कान्ति (रेतधा और स्वधा)।
७ अणुरात्मा - तेज और विद्युत
(सुत्रात्मा और अणुरात्मा को संयुक्त रूप से आनन्दमय कोष और कारण शरीर भी कहते हैं।)
८ विज्ञानात्मा - चित्त और वृत्ति (विज्ञान और विद्या)।
९ ज्ञानात्मा - बुद्धि और बोध (मेधा)।
(विज्ञानात्मा और ज्ञानात्मा को संयुक्त रूप से विज्ञानमय कोष और सुक्ष्म शरीर भी कहते हैं।)
१० लिङ्गात्मा - अहंकार और अस्मिता
११ - मनसात्मा - मन और संकल्प।
(लिङ्गात्मा और मनसात्मा को संयुक्त रूप से मनोमय कोष और लिङ्ग शरीर भी कहते हैं।)
१२ स्व।
१३ - स्वभाव।
१४ सात्विक स्वभाव - स्वाहा (वैकारिक स्वभाव)।
राजस स्वभाव - वषट (तेजस स्वभाव)।
तामसी स्वभाव - स्वधा(भूतादिक स्वभाव)।
१५ अधिदेव,अध्यात्म,अधिभूत।
१६ प्राण - इन्द्रियाँ - भूत तन्मात्रा।
१७ कारण शरीर, सुक्ष्म शरीर, लिङ्ग शरीर।
१८ चक्र - संस्थान - सिद्धियाँ।
१९ सुशुम्ना - पिङ्गला- इड़ा ।
२० पिण्ड।
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